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…दिल ढाह कर जो काबा बनाया तो क्‍या हुआ!-जावेद नक़वी (वरिष्‍ठ पत्रकार जावेद नक़वी पाकिस्‍तान के मशहूर अख़बार डॉन के दिल्‍ली में संवाददाता हैं। उनका डॉन में नियमित स्‍तंभ छपता है। यह टिप्‍पणी 3 अक्‍टूबर को डॉन में प्रकाशित हुई है। वहीं से साभार। अनुवाद अभिषेक श्रीवास्‍तव का किया है।)